जिससे सीखा बैटिंग के गुर उसी को मात देंगे ऋषभ पंत...
पहली
बार कप्तानी को लेकर उत्साहित ऋषभ पंत इस बार आईपीएल 14 के
दिल्ली कैपिटल्स को लीड करेंगे. उनका मानना है कि इस बार वो महेंद्र सिंह धोनी से
बल्लेबाजी के जो गुर सीखें हैं उसको उन्ही के खिलाफ इस्तेमाल करेंगे. आईपीएल का
आगाज़ 9 अप्रैल
से होगा. उनका पहला मैच 10 अप्रैल को महेंद्र सिंह धोनी की टीम चेन्नई सुपर किंग्स
से है। पंत ने कहा कि वे पहले मैच को लेकर तैयार हैं। उन्होंने कहा कि मैंने इतने
सालों में जो कुछ भी माही भाई से सीखा है, वही उनके खिलाफ मैच में इस्तेमाल करूंगा। पहले
मैच में रोहित शर्मा की मुंबई इंडियंस और विराट कोहली की रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु
आमने-सामने होगी।
'पहली बार कप्तानी करने को लेकर उत्साहित'
पंत
ने कहा कि वे IPL में पहली बार कप्तानी करने को लेकर उत्साहित हैं। उन्होंने कहा- हमारा
पहला मैच माही भाई की टीम से है। यह मैच मेरे लिए खास होगा और मुझे उनसे बहुत कुछ
सीखने को मिलेगा। मैंने पहले भी उनसे काफी कुछ सीखा है। मेरा IPL खेलने का अब तक जो भी एक्सपीरियंस है, उसका इस्तेमाल
CSK के खिलाफ करने की कोशिश करूंगा।
'कोशिश होगी अपनी कप्तानी में IPL
ट्रॉफी जीत
सकूं'
वे बोले-
कैप्टेंसी को अपने लिए अवसर के तौर पर देख रहा हूं। हमने अभी तक एक बार भी IPL
खिताब नहीं जीता है। मेरी कोशिश होगी कि अपनी कप्तानी में
टीम को खिताब दिला सकूं। पिछले कुछ सीजन से हमारी टीम लगातार अच्छा प्रदर्शन कर
रही है। हमारे खिलाड़ी अपना 100% दे रहे हैं। ऐसे में बतौर कप्तान आपको और क्या चाहिए।'
'पोंटिंग के अनुभव का टीम को होगा फायदा'
पंत ने कहा कि
रिकी पोंटिंग के कोच होने से टीम को फायदा मिला है। पोंटिंग के पास क्रिकेट और
कप्तानी का काफी अनुभव है। उनसे बहुत कुछ सीखने को मिला है। मुझे उम्मीद है कि
उनके दिशा-निर्देश और टीम के अन्य साथियों के सहयोग से हम इस बार खिताब जीतने में
सफल होंगे।
IPL में पंत ने 68 मैच खेले, 2079 रन बनाए
पंत ने IPL
में अब तक 68 मैच खेले, जिसमें 35.23 की औसत से 2079 रन बनाए। वे अब तक एक शतक और 12 अर्धशतक लगा चुके हैं। वहीं, धोनी ने 204 मैच में 40.99 की औसत और 136.75 के स्ट्राइक रेट से 4,632 रन बनाए। उन्होंने IPL में कुल 23 फिफ्टी लगाई हैं, लेकिन कभी शतक नहीं लगा सके।
पंत ने धोनी
से कौन से गुर सीखे?
दिल्ली के
कप्तान पंत को काफी समय से धोनी के सही उत्तराधिकारी के तौर पर देखा जा रहा है।
उन्होंने इसे साबित भी किया है। पिछले कुछ सालों में टीम में उतरा-चढ़ाव के बाद
उन्होंने पिछले कुछ महीनों में खुद को साबित किया है। ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के
खिलाफ सीरीज में उनकी बल्लेबाजी और विकेटकीपिंग की बदौलत टीम इंडिया जीतने में
कामयाब हो सकी। पंत और धोनी के बीच काफी समानताएं हैं,
जो इस बाएं हाथ के बल्लेबाज को टीम इंडिया का फ्यूचर कैप्टन
बनाती है।
1. दबाव झेलने की क्षमता: पंत ने ऑस्ट्रेलिया दौरे पर आखिरी 2 टेस्ट (सिडनी और ब्रिस्बेन) में जिस तरह से दबाव में
बल्लेबाजी की, वह उनकी क्षमता को बताता है। धोनी भी दबाव में कूल कप्तानी और बल्लेबाजी के
लिए जाने जाते थे।
2. अनऑर्थोडॉक्स शॉट: धोनी ने यॉर्कर लेंथ की गेंदों पर हेलीकॉप्टर शॉट का इजात
किया था। इसके बाद से मलिंगा सरीखे यॉर्कर स्पेशलिस्ट उन्हें इस लेंथ पर गेंदबाजी
करने से डरते थे। वे दबाव वाले मौके पर भी इस शॉट को लगाने से नहीं घबराते थे। इसी
तरह पंत भी रिवर्स स्कूप के लिए चर्चा में हैं। उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ
वर्तमान समय के 2 सबसे अच्छे तेज गेंदबाजों की गेंद पर यह शॉट लगाया।
उन्होंने जेम्स एंडरसन और फिर जोफ्रा आर्चर की गेंदों पर रिवर्स स्कूप लगाए।
3. आक्रमक बल्लेबाजी: धोनी करियर की शुरुआत में अपने आक्रमक बल्लेबाजी के लिए
जाने जाते थे। वे किसी भी मैच को अपने दम पर पलटने की क्षमता रखते थे। पंत भी यह
माद्दा रखते हैं। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया और फिर इंग्लैंड के खिलाफ यह कर के भी
दिखाया।
4. विकटकीपिंग: धोनी अपनी विकेटकीपिंग स्किल्स के लिए जाने जाते थे। पंत ने पिछले कुछ महीनों
में अपने आप को एक विकेटकीपर के तौर पर डेवलप किया है। इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट
सीरीज के दौरान टर्निंग ट्रैक पर उन्होंने शानदार विकेटकीपिंग की।
5. स्टंप्स के पीछे से गेंदबाजों को नसीहत: धोनी विकेट के पीछे से अपने गेंदबाजों को नसीहत देते देखे
जा सकते थे। पंत में भी यही खूबी है। वे विकेटकीपिंग करते वक्त गेंदबाजों को नसीहत
देते रहते हैं।
DC कोई खिताब नहीं जीत सकी,
CSK 3 बार चैम्पियन
बनी
IPL इतिहास में दिल्ली टीम अब तक खिताब नहीं जीत सकी है। उसने एक बार 2020 सीजन में फाइनल खेला था। तब रोहित शर्मा की कप्तानी वाली
मुंबई इंडियंस ने उसे हराया था। मुंबई ने सबसे ज्यादा 5 बार खिताब जीता है। दूसरे नंबर पर महेंद्र सिंह धोनी की
कप्तानी वाली चेन्नई टीम ने 3 बार खिताब अपने नाम किया है।
कोलकाता और
हैदराबाद ने 2-2 बार खिताब जीता। एक बार राजस्थान ने 2008 में यह खिताब अपने नाम किया था। यह टूर्नामेंट का पहला
सीजन था। पंजाब और बेंगलुरु भी अब तक खिताब नहीं जीत सकी हैं।
8 टीमें 52 दिन में फाइनल समेत 60 मुकाबले खेलेंगी
IPL के 14वें सीजन का आगाज 9 अप्रैल से होगा। फाइनल 30 मई को खेला जाएगा। इस सीजन में सभी 8 टीमें 52 दिन में फाइनल समेत 60 मुकाबले खेलेंगी। सभी मुकाबले 6 शहरों अहमदाबाद, बेंगलुरु, चेन्नई, दिल्ली, मुंबई और कोलकाता में होंगे।
फाइनल
अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाएगा। पहली बार ऐसा हो रहा है कि देश
में टूर्नामेंट होने के बावजूद कोई भी टीम अपने घर में मैच नहीं खेलेगी। यानी कि
कोलकाता का मैच कोलकाता और मुंबई का मैच मुंबई में नहीं होगा।




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